Monday, January 27, 2025

cost plus contract

Cost-Plus-Contract(लागत-प्लस अनुबंध)
कॉस्ट प्लस अनुबंध एक ऐसा अनुबंध है जिसमें किसी कंपनी को खर्च के साथ-साथ लाभ की एक विशिष्ट राशि प्रतिपूर्ति की जाती है।
यह कॉन्ट्रैक्ट फ़िक्स-कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के विपरीत है, फिक्स कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट में दो पार्टी बिना खर्च की परवाह किए एक विशिष्ट लागत के लिए सहमत होते हैं।
कॉस्ट प्लस अनुबंध मुख्य रूप से खरीददार कॉन्ट्रैक्ट की सफलता के लिए कॉन्ट्रैक्टर को देती है क्योंकि ठेकेदार को आकर्षित करने वाली पार्टी मानती है कि ठेकेदार अपने वायदे पर काम करेगा और अतिरिक्त भुगतान करने से ठेकेदार लाभ कमा सकेगा।
यह अनुबंध कुछ हद तक सीमित किया जा सकता है जैसे कि निर्माण के दौरान ठेकेदार त्रुटि करता है तो उससे उसका लाभ नहीं दिया जा सकता है, यह अनुबंध आमतौर पर अनुसंधान और विकास गतिविधियों में उपयोग किया जाता है।

लाभ
1. यह ठेकेदार के जोखिम को कम करता है।
2. इसमें काम की गुणवत्ता पर जरा ध्यान दिया जाता है बजाय लागत पर।

हानि
1. इसमें अंतिम लागत दिखाया जाएगा क्योंकि यह पूर्व निर्धारित नहीं होता।
2. यह परियोजना की समयावधि को बढ़ा सकता है।

appendix3a railway

Appendix3a railway CONTRACTOR'S MEASUREMENT BOOK.

Appendix3a railway
CMB अर्थात Contractor's Measurement Book- ठेकेदार की नपाई पुस्तिका।

यह इंजीनियरिंग सहिंता के 13 वें अध्याय में पैरा संख्या 1316A के तहत जोड़ा गया है जिसका सुधार प्रविष्ट संख्या 50 है।
Appendix3a railway
सीएमबी में ठेकेदार द्वारा कार्य की नपाई स्वयं किया जाएगा।(रेल अधिकारियों द्वारा नहीं)
सीएमबी में जो फॉर्म 1313 E में निहित है वही लागू होता है यानी इसमें भी 5 सीट होगा । रेलवे ठेकेदार को CMB उपलब्ध करवाएगी जिसमें टॉप शीट पर कार्य का नाम, ठेकेदार का नाम ,एग्रीमेंट नम्बर लिखने का प्रोविजन होगा।
Appendix3a railway 
Dy. Chief Engineer जो ठेके का इंचार्ज होंगे वो आवश्यकतानुसार CMB , AEN/XEN को शीट संख्या 2A पर प्राप्ति लेने के बाद देंगे ।
नपाई का रिकॉर्डिंग ठेकेदार के द्वारा अधिकृत इंजीनियर के द्वारा किया जाएगा।
Appendix3a railway 
अगर किसी भी परिस्थिति में इंजीनियर को बदलना पड़े तो माप की रिकॉर्डिंग से पहले ठेकेदार द्वारा Dy/CE/C से अनुमोदन लेना होगा।
सीएमबी पर रिकॉर्डिंग साफ-साफ दर्ज करनी चाहिए। किसी भी प्रकार का काट-छांट, ओवरराइटिंग नहीं होनी चाहिए एवं रिकॉर्डिंग हस्तलिखित होनी चाहिए।
किसी भी प्रकार के काट छांट होने पर उस जगह हस्ताक्षर अनिवार्य है।
Appendix3a railway 
किसी भी पेज को नष्ट नहीं करना चाहिए एवम फाड़ना नहीं चाहिए कोई भी भेज खाली नहीं होनी चाहिए।
माप के साक्ष्य के लिए ठेकेदार माप के दिन की अग्रिम सूचना AEN/XEN को देंगे। रेलवे द्वारा नपाई के लिए साक्ष्य होना अनिवार्य नहीं है सिर्फ अर्थ वर्क एवं Hidden नपाई को छोड़कर।
Appendix3a railway 
खाता अनुबंध प्रमाण पत्र - मदें एवम मात्राएं की नपाई का रिकॉर्ड भुगतान के लिए किया जाएगा।
प्रत्येक 4th खाता अनुबंध प्रमाण पत्र/अंतिम प्रमाण पत्र में पिछले अनुबंध प्रमाण पत्र को भी संलग्न करना होगा चाहे उसका भुगतान हुआ हो या नहीं (जैसे कुल नपाई उस दिन तक के लिए)
लम सम नपाई सिर्फ अर्थ वर्क के लिए ही लागू होगा।
ठेकेदार बिल पास करने के समय सीएमबी के प्रयोग किए हुए पेज को सावधानीपूर्वक लाएगा जिसमें एक खाली पेज भी रहेगा इस पर AEN/XEN द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा।
Appendix3a railway 
ठेकेदार सीएमबी का एक छाया प्रति भविष्य के संदर्भ के लिए अपने पास रखेगा।
अंतिम बिल के समय सभी सीएमबी प्रस्तुत करेंगे चाहे उसका उपयोग हुआ हो या नही। प्रोविजनल भुगतान 75%
 SSE/JE जिन्हें 5 साल का कार्य का अनुभव हो एवं AEN/XEN एक ओरिजिनल प्रोविजनल ऑन एकाउंट प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमें इस बात का जिक्र होगा कि कार्य की मात्रा के मुकाबले राशि कम है जिसे ठेकेदार को दिया जा सकता है।
अंतिम भुगतान पत्र में कोई प्रोविजनल भुगतान नहीं किया जाएगा।
Appendix3a railway 
ऑन अकाउंट प्रमाण पत्र ठेकेदार द्वारा मांगा जाएगा जब पिछला प्रमाणपत्र का बिल पास हो जाएगा।
प्रोविजनल भुगतान के समय रेलवे के द्वारा कोई टेस्ट चेक की आवश्यकता नहीं होगी। रेलवे द्वारा टेस्ट चेक-
ऑन अकाउंट प्रमाण पत्र एवं फाइनल अकाउंट प्रमाण पत्र के आधार पर जब बिल का भुगतान होगा उस समय टेस्टचेक रेलवे द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
टेस्ट चेक की तिथि SSE/JE और AEN/XEN द्वारा अग्रिम में ठेकेदार को बताया जाएगा।
ठेकेदार टेस्ट चेक में मदद करेंगे साथ ही स्टाफ और टूल्स उपलब्ध कराएंगे।
ठेकेदार विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए फ्रेश इनवॉइस प्रस्तुत करेंगे एवं विसंगतियों को सही किया जाएगा। पूर्ण भुगतान-ऑन एकाउंट/फाइनल बिल
AEN/XEN फाइनल बिल भुगतान के समय सभी ऑन अकाउंट प्रमाण पत्र साथ में आवश्यक छाया प्रति और सीएमबी जिसका उपयोग हुआ है Dy.CE/C को प्रस्तुत करेंगे।
जब बिल पास हो जाएगा तो CMB को सुरक्षित रखने के लिए Dy. CE/C , AEN/XEN को वापस कर देंगे तथा लेखा अधिकारी CMB को क्रोस कर देंगे।
फाइनल अकाउंट प्रमाण पत्र Dy.CE/C के द्वारा जारी किया जाएगा।
Appendix3a railway 
यह नियम सभी विभागों पर लागू होगा।

contingency fund

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 267 के अनुसार आकस्मिकता निधि का गठन किया गया है।
  • यह निधि अग्रदाय प्रकृति ( Imprest Nature) के हैं।अर्थात इस निधि से धन खर्च करने के बाद पुनः प्रतिपूर्ति किया जाता है।
  • इस निधि से खर्च आकस्मिक कार्यों या ऐसी नई सेवा पर किया जाता है जिसका प्रावधान बजट में नहीं किया गया है।
  • इस निधि से खर्च करने के बाद संसद से स्वीकृति लेकर उतनी ही राशि से समेकित निधि से प्रतिपूर्ति किया जाता है।
  • रेल के संबंध में इस तरह के व्यय वित्त आयुक्त के अधिकार में है।रेलों द्वारा अपेक्षित अग्रिमों के सम्बन्ध में आवदेन-पत्र वित्त आयुक्त रेलवे को भेजे जाएंगे।जिनमें निम्नलिखित ब्यौरा दिया जायेगा। 
  • (i) होने वाले व्यय का संक्षिप्त विवरण ।(ii) वे परिस्थियां जिनके कारण बजट में इस ख़र्च का प्रावधान नहीं की जा सकी।(iii) इस खर्च को रोकना सम्भव क्यों नहीं है।(iv) पूरे साल या उसके कुछ भाग के लिए, जैसी भी स्थिति हो,प्रस्ताव की पूरी लागत देते हुए, निधि से अग्रिम देने के लिए अपेक्षित रकम और (v) वह अनुदान या विनियोग जिसके अधीन अनुपूरक व्यवस्था पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
  • अग्रिम की मंजूरी के आदेश की एक प्रति जिसमें रकम,वह अनुदान या विनियोग जिससे यह संबंधित है तथा उप-शीर्षवार संक्षिप्त विवरण और जिस खर्च को पूरा करने के लिए यह किया गया है उसके विनियोगों की यूनिटें दिखाई जाएगी जिसे संबंधित लेखा परीक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी।इसके अलावा वित्त आयुक्त रेलवे द्वारा ऐसे आदेशों की प्रतियां अपर उप नियंत्रक महालेखापरीक्षक (रेलवे) को भेजी जाएगी।
  • ravigyan

consolidated fund

Consolidated Fund

समेकित निधि(Consolidated fund) 

Short notes


  1. सरकारी लेखों का वर्गीकरण तीन भागों में किया गया है (I) भारत की समेकित निधि (2) भारत की आकस्मिकता निधि (3) भारत का लोक लेखा।इसमें भारत की समेकित निधि सभी निधियों में महत्वपूर्ण है।
  2. भारत के संविधान के अनुच्छेद 266(I) के अनुसार इस निधि का सृजन हुआ।
  3. यह एक ऐसा कोष है ,जिसमें भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से प्राप्त सभी राजस्व,उधार लिया गया धन,सरकार द्वारा दिये गए ऋणों से प्राप्त धन,रेलों के लिए यातायात से होने वाले आमदनी इकट्ठा होता है।
  4. भारत सरकार के जितने भी व्यय है इस निधि से ही किया जाता है सिर्फ असाधारण मदों को छोड़कर।सबसे महत्वपूर्ण बात यह की इस निधि से कोई भी खर्च बिना संसद के अनुमति से नहीं किया जा सकता है।
  5. इस निधि के मुख्यतः तीन प्रभाग है (I) राजस्व (II) पूँजी(III) कर्ज।
  6. प्रथम भाग में करों की आय तथा अन्य व्यय प्राप्तियों से संबंधित हिसाब रखा जाता है,जिससे वर्ष के दौरान बचत या घाटा का शुद्ध परिणाम निकलता है।
  7. द्वितीय भाग में भौतिक किस्म की परिसम्पत्तियों में वृद्धि करने के उद्देश्य से किये जाने वाले खर्च का हिसाब और पूंजीगत खर्च को संतुलित करने के लिए लगाई जाने वाली प्राप्तियों का हिसाब रखा जाता है।
  8. तृतीय भाग में , जहां तक रेलवे लेखा का संबद्ध है,सरकार द्वारा दिये गए ऋणों और अग्रिमों का हिसाब तथा उन ऋणों की अदायगी और अग्रिमों की वसूलियों का हिसाब रखा जाता है।

consolidated fund


समेकित निधि(Consolidated fund) 

Short notes


  1. सरकारी लेखों का वर्गीकरण तीन भागों में किया गया है (I) भारत की समेकित निधि (2) भारत की आकस्मिकता निधि (3) भारत का लोक लेखा।इसमें भारत की समेकित निधि सभी निधियों में महत्वपूर्ण है।
  2. भारत के संविधान के अनुच्छेद 266(I) के अनुसार इस निधि का सृजन हुआ।
  3. यह एक ऐसा कोष है ,जिसमें भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से प्राप्त सभी राजस्व,उधार लिया गया धन,सरकार द्वारा दिये गए ऋणों से प्राप्त धन,रेलों के लिए यातायात से होने वाले आमदनी इकट्ठा होता है।
  4. भारत सरकार के जितने भी व्यय है इस निधि से ही किया जाता है सिर्फ असाधारण मदों को छोड़कर।सबसे महत्वपूर्ण बात यह की इस निधि से कोई भी खर्च बिना संसद के अनुमति से नहीं किया जा सकता है।
  5. इस निधि के मुख्यतः तीन प्रभाग है (I) राजस्व (II) पूँजी(III) कर्ज।
  6. प्रथम भाग में करों की आय तथा अन्य व्यय प्राप्तियों से संबंधित हिसाब रखा जाता है,जिससे वर्ष के दौरान बचत या घाटा का शुद्ध परिणाम निकलता है।
  7. द्वितीय भाग में भौतिक किस्म की परिसम्पत्तियों में वृद्धि करने के उद्देश्य से किये जाने वाले खर्च का हिसाब और पूंजीगत खर्च को संतुलित करने के लिए लगाई जाने वाली प्राप्तियों का हिसाब रखा जाता है।
  8. तृतीय भाग में , जहां तक रेलवे लेखा का संबद्ध है,सरकार द्वारा दिये गए ऋणों और अग्रिमों का हिसाब तथा उन ऋणों की अदायगी और अग्रिमों की वसूलियों का हिसाब रखा जाता है।
  9. ravigyanravigyan

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Cost-Plus-Contract(लागत-प्लस अनुबंध) कॉस्ट प्लस अनुबंध एक ऐसा अनुबंध है जिसमें किसी कंपनी को खर्च के साथ-साथ लाभ की एक विशिष्ट राशि प्रतिप...